Shaley Poshan Aahar Yojana Maharashtra 4.81/5 (21)

Shaley Poshan Aahar Yojana Maharashtra
Shaley Poshan Aahar Yojana Maharashtra

Shaley Poshan Aahar Yojana Maharashtra – शालेय पोषण आहार योजना महाराष्ट्र

शालेय पोषण आहार योजना महाराष्ट्र- कुपोषण देश की उन्नति में बाधक है। पीढ़ी दर पीढ़ी इसका प्रभाव पड़ता है। यह देश के विकास में एक बड़े बाधक के रूप में रोड़ा अटकाता है। अतः सरकार की यह कोशिश है कि इसे जड़ से खत्म कर दिया जाए। इस सोच को मद्दे नजर रखते हुए भारत सरकार की ओर से पूरे देश में पोषण अभियान सितंबर २०१८ को चालू किया गया। इस अभियान को विभिन्न माध्यमों से क्रियान्वित किया जा रहा है। इससे महाराष्ट्र राज्य भी अछूता नहीं है। विद्यार्थी देश का भविष्य है इस सोच के साथ महाराष्ट्र सरकार ने भी अपने राज्य के विद्यार्थियों के लिए पोषण आहार योजना को आरंभ किया है। इस मध्यान्ह भोजन योजना से छात्रों को ज्ञानात्मक, भावात्मक और सामाजिक विकास में मदद मिलेगी।

Shaley Poshan Aahar Yojana Maharashtra
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पोषण आहार योजना का उद्देश्य

  • स्कूल में छात्रों की नामांकन संख्या को बढ़ाना,
  • छात्रों की नियमित उपस्थिति को दर्ज कराना,
  • रक्त हीनता, कुपोषण से बच्चों में कम वजन की समस्या को दूर करना,
  • इस कार्यक्रम का मकसद सेवा सुनिश्चित करना और तकनीक व्यवहार संबंधी बदलाव के जरिए इस संबंध का लक्ष्य हासिल करना,
  • बौद्धिक संभावनाओं की गुंजाइश बनाना जिससे काम संबंधित उत्पादकता में भी बढ़ोतरी हो सके,
  • पोषण और स्वच्छता पर मार्ग प्रदर्शन करना,
  • आंगनबाड़ी में शौचालय का निर्माण करना,
  • स्वच्छ पेयजल सुविधा प्रदान करना,
  • व्यक्तिगत स्वच्छता का मार्गदर्शन करना,
  • पहले से चल रही आंगनवाड़ी के क्रियाकलाप को उच्च स्तर का करना,
  • उच्च स्तरीय नई आंगनवाडी को प्रकल्प करना इत्यादि।

 

शालेय पोषण आहार योजना से लाभ

  • सरकारी स्थानीय निकाय और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में सर्व शिक्षा अभियान के तहत कक्षा एक से आंठवी तक के बच्चों के पोषण स्तर में सुधार,
  • ग्रीष्म-काल के दौरान अकाल पीड़ित क्षेत्रों में प्रारंभिक स्तर के बच्चों को पोषण संबंधी सहायता प्रदान,
  • लाभान्वित वर्गों के गरीब को नियमित रूप से स्कूल आने और कक्षा के कार्यकलापों पर ध्यान केंद्रित करने में सुविधा।

 

महाराष्ट्र शालेय पोषण आहार योजना कार्य विधि

  • विद्यालय में उपस्थित विद्यार्थी संख्या पोषण आहार के लाभार्थियों की संख्या को प्राप्त करना।
  • प्रत्येक विद्यालय में पोषण आहार का मेनू प्राप्त करना।
  • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से इस योजना की देखरेख की जाती है।
  • पोषण अभियान को सुचारू रूप से लागू करने के लिए राज्य द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार भी घोषित किए जाते हैं।
  • इस अभियान को उच्च स्तर पर प्रेरित करने के लिए विभिन्न पुरस्कारों में कार्यकर्ता अवार्ड, व्यक्ति सर्वश्रेष्ठता के लिए अवार्ड, लीडरशिप अवार्ड, ग्रामीण स्तरीय एवं बेहतर सोशल मीडिया कैंपेन अवॉर्ड, राज्य स्तरीय अवॉर्ड सहित अन्य अवार्ड भी सम्मिलित है।

 

Maharashtra  Shaley Poshan Aahar Yojana – शालेय पोषण आहार योजना का मैन्यू

  • इस योजना के अंतर्गत मध्यान्ह भोजन में विद्यार्थी को सप्ताह में ३ दिन दाल, चावल,
  • १ दिन मौठ,
  • २ दिन बटाना उसल के साथ चावल देना अनिवार्य है।
  • साथ ही पूरक आहार के रूप में बिस्कुट, केले, मूंगफली की चिक्की, मुरमुरा और राजगीर के लड्डू दिए जा सकते हैं।
  • कक्षा पहली से पांचवी के विद्यार्थियों के लिए ४५० उष्मांक और १२ ग्राम प्रोटीन तथा छठी से आठवीं के विद्यार्थियों के लिए ७०० उष्मांक और २० ग्राम प्रोटीन की आपूर्ति मध्यान्ह भोजन से होनी अपेक्षित है।

सरकार इस योजना के माध्यम से देश ककी छात्र रूपी रीढ़ को मजबूत करना चाहती है। सरकार जानती है कि रीढ़ मजबूत होने से ही देश मजबूत होकर आगे बढ़ेगा।

 

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